नोएडा आग हादसा नोएडा में एक सोसाइटी बिल्डिंग और रेस्टोरेंट में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। कई फ्लैट खाली कराए गए और राहत-बचाव कार्य तेजी से किया गया, जिससे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

नोएडा की व्यस्त जिंदगी में शुक्रवार सुबह एक बार फिर आग ने दहशत फैला दी। 5 जून 2026 को सेक्टर-74/75 स्थित प्रसिद्ध IVY County सोसाइटी की हाईराइज बिल्डिंग में भीषण आग लग गई। 28 मंजिला इमारत के 12वें फ्लोर पर शुरू हुई यह आग तेजी से फैली और आसपास के फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया। साथ ही सेक्टर-52 के शताब्दी विहार में एक रेस्टोरेंट और ऊपर चल रहे पीजी में भी आग लगने से हड़कंप मच गया। दोनों जगहों पर लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और फ्लैटों को खाली कराया गया। गनीमत रही कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
यह घटना दिल्ली-NCR में हाल ही में हुई आग की घटनाओं की कड़ी को और लंबा करती है, जहां गर्मी के मौसम में एसी ब्लास्ट और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाएं आम हो गई हैं।
नोएडा आग हादसा: घटना का विस्तृत विवरण
सुबह करीब 8 बजे IVY County सोसाइटी के 12वें फ्लोर पर एक फ्लैट में आग लगी। देखते ही देखते लपटें खिड़कियों से बाहर निकलने लगीं और काला धुआं आसमान में छा गया। आसपास के फ्लैट भी प्रभावित हुए। इमारत की ऊंचाई के कारण आग बुझाने में दिक्कत आई। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और हाइड्रोलिक क्रेन के जरिए पानी की बौछार की गई।
सोसाइटी में रहने वाले लोग डर के मारे सीढ़ियों से नीचे उतरने लगे। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने पूरे बिल्डिंग को खाली कराने का अभियान चलाया। कई परिवारों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया। वीडियो फुटेज में लपटें और धुएं का गुबार साफ दिख रहा है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या एसी ओवरहीटिंग को आग का कारण माना जा रहा है। कुछ दिनों पहले भी इसी सोसाइटी में 27वें फ्लोर पर ऐसी ही घटना हो चुकी है।
सेक्टर-52 रेस्टोरेंट और पीजी में आग
एक साथ दूसरी घटना सेक्टर-52 के शताब्दी विहार E3 ब्लॉक में हुई। यहां नीचे रेस्टोरेंट चल रहा था और ऊपर पीजी। सुबह आग लगने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। दमकल की टीम ने तुरंत पहुंचकर आग पर काबू पाया और पीजी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। यहां भी शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
दोनों घटनाओं ने नोएडा प्रशासन और निवासियों को चौकन्ना कर दिया है।
बचाव कार्य और राहत: फायर ब्रिगेड की मुश्किलें
फायर ऑफिसरों ने बताया कि हाईराइज बिल्डिंगों में आग बुझाने के लिए आधुनिक उपकरणों की जरूरत है। कई बार पानी की होज ऊपरी मंजिलों तक नहीं पहुंच पाती। IVY County में भी इसी समस्या का सामना करना पड़ा। दमकल की 6-8 गाड़ियां लगातार काम कर रही हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि धुएं के कारण सांस लेना मुश्किल हो रहा था। बच्चों और बुजुर्गों को निकालने में खासी मशक्कत हुई। अब तक कोई घायल या हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, जो बड़ी राहत की बात है।
NCR में आग की बढ़ती घटनाएं
दिल्ली-NCR में पिछले कुछ दिनों में आग की कई घटनाएं हुई हैं। मालवीय नगर रेस्टोरेंट आग में 21 लोगों की जान गई। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एसी ब्लास्ट से जुड़ी 80 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं। गर्मी, बिजली की समस्या और पुरानी वायरिंग मुख्य कारण हैं।
उच्च इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम की कमी, संकरी गलियां और देर से पहुंचने वाली दमकल गाड़ियां समस्या को बढ़ाती हैं। NOFAA जैसे संगठन पहले ही फायर सेफ्टी पर चिंता जता चुके हैं।
निवासियों की प्रतिक्रिया और दहशत
IVY County के निवासियों में भारी दहशत है। कई लोगों ने कहा, “हर महीने ऐसी खबर सुनकर डर लगता है।” कुछ परिवारों ने बच्चों को सुरक्षित जगह भेज दिया। सोसाइटी मैनेजमेंट से फायर ऑडिट और बेहतर सिस्टम लगाने की मांग की जा रही है।
फायर सेफ्टी पर सवाल
यह घटना एक बार फिर फायर सेफ्टी उपकरणों, रेगुलर ड्रिल और बिल्डिंग कोड की सख्ती की जरूरत पर सवाल उठाती है।
- हर हाईराइज में काम करने वाले स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर अनिवार्य हों।
- एसी और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन की नियमित जांच।
- निवासियों को फायर सेफ्टी ट्रेनिंग दी जाए।
नोएडा प्रशासन को बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
निष्कर्ष
नोएडा आग हादसा: नोएडा की IVY County और सेक्टर-52 की घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि छोटी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी बन सकती है। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
निवासियों को भी सतर्क रहना होगा — इलेक्ट्रिकल उपकरणों का सही इस्तेमाल, फायर एक्सटिंग्विशर घर में रखना और इमरजेंसी नंबर सेव करना। उम्मीद है कि प्रशासन और सोसाइटी मैनेजमेंट इन घटनाओं से सबक लेते हुए ठोस कदम उठाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी दहशत न फैले।
नोएडा की तेज रफ्तार जिंदगी में सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। अपडेट्स के लिए स्थानीय न्यूज और आधिकारिक चैनलों पर नजर रखें।






