होर्मुज स्ट्रेट में गोलीबारी : दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है। ईरान-अमेरिका तनाव के बीच यहां फिर एक दुखद घटना हुई है। 8 मई 2026 की रात एक भारतीय लकड़ी का जहाज अल फैज नूर-ए-सुलेमानी 1 अमेरिका-ईरान गोलीबारी की चपेट में आ गया। इस हमले में गुजरात के एक नाविक की मौत हो गई और 5 अन्य घायल हो गए।
जहाज 7 मई को दुबई से रवाना हुआ था और यमन के मुक्का (मुकल्ला) बंदरगाह की ओर जा रहा था। 8 मई की रात करीब 1 बजे जब जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहा था, तभी दो पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। जहाज इस क्रॉसफायर में फंस गया।

होर्मुज स्ट्रेट में गोलीबारी घटना क्या हुई? पूरी डिटेल
मृतक नाविक की पहचान अल्ताफ तालाब केर के रूप में हुई है। वे जहाज पर इंजन ड्राइवर के पद पर कार्यरत थे। अल्ताफ गुजरात के द्वारका जिले के सलाया गांव के रहने वाले थे।
- जहाज पर कुल 18 भारतीय नाविक सवार थे। घटना के बाद बाकी 17 सदस्यों को सुबह करीब 7 बजे
- MSV प्रेम सागर-I जहाज द्वारा रेस्क्यू किया गया। सभी घायलों को दुबई के
- अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।
- भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने घायलों से मुलाकात भी की।
इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन का बयान
गुजरात स्थित इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन के महासचिव आदम भाया ने इस घटना को “अमेरिका और ईरान की सेनाओं के बीच हुई दुर्भाग्यपूर्ण और हिंसक झड़प” बताया। शिपिंग निदेशालय ने घटना की पुष्टि की है और प्रभावित परिवारों तथा नाविकों को हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों बना टकराव का केंद्र?
- होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। ईरान-अमेरिका युद्ध के
- बाद से यहां तनाव चरम पर है। दोनों देश बिना अनुमति किसी भी जहाज को गुजरने नहीं दे रहे हैं।
- इस वजह से क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर खतरा मंडरा रहा है और ग्लोबल तेल की कीमतों में भी उछाल आया है।
- इससे पहले भी कई जहाजों पर हमले की खबरें आ चुकी हैं। हाल ही में 11 भारतीय जहाज
- होर्मुज से बाहर निकल चुके हैं, जबकि 13 अभी भी फारस की खाड़ी में हैं।
- विदेश मंत्रालय ने भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर नजर रखी हुई है।
गुजरात के नाविकों पर खतरा
- गुजरात के सलाया, द्वारका और अन्य तटीय इलाकों से हजारों लोग समुद्री रोजगार से जुड़े हैं।
- ऐसे में होर्मुज जैसे जोखिम भरे इलाकों में काम करना उनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
- अल्ताफ तालाब केर की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है।
- परिवार अब सरकार से मुआवजे और सहायता की मांग कर रहा है।
भारत सरकार की भूमिका
- विदेश मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय ने तुरंत एक्शन लिया। घायलों का इलाज
- और मृतक के शव को स्वदेश लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
- भारत ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए अपने नाविकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
क्या है आगे का रास्ता?
- भारतीय जहाजों के लिए अल्टरनेटिव रूट्स पर विचार
- नाविकों की सुरक्षा के लिए इंटरनेशनल कोऑर्डिनेशन
- क्षेत्र में शांति स्थापना के प्रयास
होर्मुज स्ट्रेट में हुई यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर आम नागरिकों और नाविकों पर कैसे पड़ता है। अल्ताफ तालाब केर की मौत एक परिवार को टूटने पर मजबूर कर गई है। भारत सरकार को अपने समुद्री कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत कदम उठाने होंगे।







