वायु गुणवत्ता उपाय : दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे खासतौर पर बच्चों की सेहत पर गहरा असर पड़ रहा है। जानिए दिल्ली के ताजा एयर क्वालिटी इंडेक्स, बच्चों में दिखाई देने वाले लक्षण और प्रदूषण से बचाव के असरदार उपाय।

दिल्ली की हवा में जहर, बच्चों पर सबसे बड़ा असर
दिल्ली के आनंद विहार, अलीपुर, अशोक विहार, चांदनी चौक, द्वारका, आईटीओ जैसे प्रमुख इलाकों में AQI 350 से 390 के बीच रिकॉर्ड किया गया। जहरीले स्मॉग और धुंध के बीच बच्चों में खासकर सांस लेने में दिक्कत, खांसी, आंखों में जलन जैसे लक्षण आम हो गए हैं.
प्रदूषण से बच्चों में होने वाले आम लक्षण
- बार-बार खांसी और छींक आना
- सांस फूलना या अस्थमा की समस्या का बढ़ना
- गले में खराश, सीने में जलन
- आंखों में जलन और पानी आना
- बार-बार थकान महसूस होना
ऐसे लक्षण नजर आएं तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें, क्योंकि प्रलंबित प्रदूषण बच्चों के फेफड़ों के विकास को बाधित कर सकता है।
बच्चों के लिए प्रदूषण से बचाव के उपाय
- बच्चों को घर के बाहर खेलने से रोकें, खासतौर पर सुबह और शाम के समय जब स्मॉग सबसे ज्यादा होता है।
- स्कूल जाने वाले बच्चों को मास्क पहनाएं और घर पहुंचकर हाथ-मुंह जरूर धुलवाएं।
- घर के अंदर एयर प्यूरिफायर या पौधे (स्पाइडर प्लांट, स्नेक प्लांट आदि) लगाएं, जिससे हवा की गुणवत्ता बेहतर हो सके।
- रोजाना बच्चों को अच्छी मात्रा में पानी पिलाएं और उनकी डाइट में विटामिन-सी, ताजे फल व हरी सब्जियां शामिल करें।
- क्या संभव हो, तो वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) नियमित जांचें और जब भी एक्यूआई 300 से ऊपर हो, बेवजह निकलने से बचें.
दिल्ली सरकार और प्रशासनिक कदम
सरकार और नगर निगम मिलकर सड़क की धूल को मशीनों से साफ करा रहे हैं,
एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा रहा है, और वाहनों की जांच बढ़ा दी गई है।
सार्वजनिक संस्थाओं और स्कूलों में सेहत से जुड़ी एडवाइजरी भी जारी की गई है.
साथ ही, लोगों को कारपूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट








