ट्रंप एक्शन 19 देश : वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड पर हुए हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने 19 ‘चिंता वाले देशों’ से बाइडेन सरकार द्वारा जारी ग्रीन कार्ड्स की पूरी जांच का आदेश दिया है। यह फैसला सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया, जिसमें यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) प्रमुख भूमिका निभाएगी.

ट्रंप एक्शन 19 देश :
ट्रंप एक्शन 19 देश :

घटना का बैकग्राउंड

पिछले गुरुवार को व्हाइट हाउस के पास एक अफगान मूल के व्यक्ति ने नेशनल गार्ड के दो सदस्यों पर हमला किया। इस घटना में एक सदस्य की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। ट्रंप ने इसे इमिग्रेशन नीतियों में ढील का नतीजा बताया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. USCIS डायरेक्टर जोसेफ एडलो ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि हर संबंधित ग्रीन कार्ड की ‘पूर्ण और सख्त’ पुन:जांच होगी.

19 देशों की सूची

ट्रंप प्रशासन ने जून 2025 में इन देशों को ‘कंट्रीज ऑफ कंसर्न’ घोषित किया था। इनमें शामिल हैं:

  • अफगानिस्तान, बर्मा, चाड, कांगो गणराज्य
  • इक्वेटोरियल गिनी, एरिट्रिया, हैती, ईरान
  • लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन
  • बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन
  • टोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेजुएला.

ये देश सुरक्षा जोखिम, खराब दस्तावेज सत्यापन और आतंकवाद संबंधी चिंताओं के कारण चिन्हित हैं। भारत या उसके पड़ोसियों का इसमें नाम नहीं है.

जांच का दायरा और प्रक्रिया

USCIS सभी ग्रीन कार्ड धारकों के दस्तावेज, पृष्ठभूमि और सुरक्षा रिकॉर्ड की गहन समीक्षा करेगी। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) बाइडेन काल के शरणार्थी मामलों की भी जांच करेगा। FBI आतंकवाद एंगल पर फोकस कर रही है। यह प्रक्रिया ग्रीन कार्ड रद्द करने तक जा सकती है यदि कोई अनियमितता पाई गई.

प्रभाव और प्रतिक्रियाएं

इस फैसले से प्रभावित लाखों लोग चिंतित हैं, खासकर ग्रीन कार्ड धारक जिनके देशों में दस्तावेज सिस्टम कमजोर हैं।

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

विपक्ष इसे भेदभावपूर्ण बता रहा है, लेकिन समर्थक इसे बाइडेन की ‘ढीली नीतियों’ का सुधार मानते हैं।

जांच पूरी होने तक इन देशों से नए आवेदनों पर अतिरिक्त स्क्रीनिंग लग सकती है.

भविष्य की संभावनाएं

यह कदम ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी का हिस्सा है,

जो 2025 में और मजबूत हो सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है

कि इससे हाई-रिस्क मामलों में 20-30% कमी आएगी। ग्रीन कार्ड धारकों को सलाह दी जा रही है

कि वे अपने दस्तावेज अपडेट रखें और USCIS से संपर्क करें। कुल मिलाकर,

यह अमेरिका की सीमा सुरक्षा में नया अध्याय जोड़ता है.