आतंकी हमला सिडनी बॉन्डी बीच पर हनुक्का उत्सव के दौरान पाकिस्तानी बाप-बेटे नवीद-साजिद अकरम ने अंधाधुंध गोलीबारी की, 12-15 मौतें, पाक कनेक्शन।

सिडनी के प्रसिद्ध बॉन्डी बीच पर 13 दिसंबर 2025 को हनुक्का त्योहार के दौरान एक भयानक आतंकी हमला हुआ। पाकिस्तानी मूल के बाप-बेटे नवीद अकरम और साजिद अकरम ने बीच पर अंधाधुंध गोलीबारी कर 12 से 16 मासूमों की जान ले ली। ज्यादातर पीड़ित यहूदी समुदाय के थे, जो उत्सव मना रहे थे।

आतंकी हमला
आतंकी हमला

घटना का पूरा विवरण

वीकेंड का आनंद लेने निकले लोग अचानक मौत के साये में आ गए। नवीद और साजिद ने राइफलें लहराते हुए बीच पर प्रवेश किया और फायरिंग शुरू कर दी। चीखें, भागमभाग और खून की होली देखने को मिली। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और साजिद को मौके पर ही गोली मार दी। नवीद फरार है, लेकिन उसका सुराग लगभग लग चुका। वायरल वीडियो में एक बहादुर व्यक्ति अहमद अल-अहमद ने आतंकी से राइफल छीनकर कई जानें बचाईं। हमले में महिलाएं और बच्चे भी शिकार बने।​

परिवार को चकमा दिया

हमलावर नवीद ने अपनी मां वेरेना को धोखा दिया।出门 से पहले बोला, “मां, बेटे के साथ फिशिंग पर जा रहे हैं, वीकेंड एंजॉय करेंगे।” मां ने इंटरव्यू में कहा, “मेरा बेटा घर का सारा काम करता था, हर मां को ऐसा बेटा चाहिए।” लेकिन सच्चाई सामने आने पर परिवार सदमे में है। नवीद सिडनी में बस चुका था, सामान्य जीवन जीता दिखता था।​

पाकिस्तान कनेक्शन की परतें

दोनों आरोपी पाकिस्तान के लाहौर के निवासी थे। नवीद ने इस्लामाबाद की यूनिवर्सिटी से शिक्षा ली और सिडनी के इस्लामिक सेंटर में भी समय बिताया। जांच एजेंसियां कट्टरपंथी नेटवर्क की तहकीकात कर रही हैं, जो हमास या अन्य जिहादी गुटों से जुड़ा हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने इसे आतंकी हमला घोषित किया। पाकिस्तान पर सवाल उठे हैं, खासकर पहलगाम हमले के बाद।​​

वैश्विक प्रतिक्रिया और जांच

ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने राष्ट्र को एकजुट होने का आह्वान किया।

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने शोक संदेश भेजा। यहूदी समुदाय शोकाकुल है,

सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस नवीद के घर पहुंची, डिजिटल ट्रेल खंगाल रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय जिहादी साजिश का हिस्सा है।

दुनिया भर में सतर्कता बरती जा रही।​

सबक और आगे की राह

यह हमला दर्शाता है कि कट्टरवाद की जड़ें गहरी हैं।

सरकारों को खुफिया तंत्र मजबूत करने होंगे।

पीड़ित परिवारों के लिए न्याय जरूरी। ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान से सहयोग मांगा।

घटना ने वैश्विक शांति को चुनौती दी है।