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अफगान-पाक सीमा पर भयानक गोलीबारी, पांच की मौत; तुर्की वार्ता पर मंडराया संकट

On: November 7, 2025 5:23 AM
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अफगानिस्तान पाकिस्तान सीमा

अफगानिस्तान पाकिस्तान सीमा : अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर भयानक गोलीबारी हुई, जिसमें पांच लोगों की मौत और छह घायल हुए। यह हिंसा तुर्की में चल रही शांति वार्ता के दौरान हुई है, जिससे वार्ता पर संकट मंडराने लगा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गोलीबारी शुरू करने का आरोप लगा रहे हैं, और सीमा विवाद को लेकर तनाव बढ़ रहा है

अफगानिस्तान पाकिस्तान सीमा
अफगानिस्तान पाकिस्तान सीमा

अफगान-पाक सीमा पर गोलीबारी की घटना

हाल ही में अफगानिस्तान के कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक इलाके में पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सेनाओं के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें चार महिलाएं और एक पुरुष सहित पांच नागरिक मारे गए। छह अन्य घायल भी हो गए। यह गोलीबारी उस समय हुई जब दोनों देशों के बीच तुर्की में शांति वार्ता जारी थी, जिसका उद्देश्य सीमा विवादों को समाप्त करना था। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गोलीबारी शुरू करने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगान पक्ष ने गोलीबारी शुरू की, जबकि अफगानिस्तान पाकिस्तान की सैनिक कार्रवाई को दायित्व बताता है.

विवाद की जड़ – सुरक्षा और आतंकवाद के आरोप

पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वहां की तालिबानी सरकार आतंकवादी समूहों को पनाह देती है, जो पाकिस्तान में हमले करते हैं। तालिबान ने इन आरोपों का खंडन किया है। सीमा पर बार-बार झड़पों के पीछे आतंकवाद से सुरक्षा की चिंता और घुसपैठ के आरोप कुछ मुख्य कारण हैं। पाकिस्तान की सेना ने यह भी दावा किया है कि अफगानिस्तान की तरफ से हथियारबंद समूह सक्रिय हैं, जबकि विशेषज्ञ इसे राजनीतिक दावे बताते हैं.

दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप

तुर्की में बातचीत के दौरान अफगान तालिबान ने कहा कि पाकिस्तान की सेना ने अचानक गोलीबारी शुरू की, वहीं पाकिस्तान ने इसे अफगान सेना की आरंभिक गोलीबारी बताया

। अफगानिस्तान की ओर से यह जिम्मेदारी पाकिस्तान पर थोपने का प्रयास किया जा रहा है,

जबकि दूसरी तरफ पाकिस्तान भी युद्ध विराम के उल्लंघन के आरोप लगा रहा है।

दोनों पक्ष एक-दूसरे को संवाद और संघर्ष विराम का सम्मान न करने का दोषी मानते हैं.

तुर्की में शांति वार्ता पर असर

तुर्की के इस्तांबुल में चल रही वार्ता में सीमा विवाद,

आतंकवाद और व्यापार जैसे मुद्दों पर बातचीत हो रही है।

हालांकि, संघर्ष विराम की अंतिम शर्तों पर सहमति न बनने

और बार-बार की सीमा पर झड़पों ने वार्ताओं को संकट में डाला है।

तुर्की मध्यस्थता में दोनों पक्षों ने निगरानी तंत्र बनाने पर बातचीत की,

लेकिन हाल की हिंसा ने शांति प्रक्रिया को ठेस पहुंचाई है।

इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है और वार्ता की सफलता पर प्रश्न उठ रहे हैं.

क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव

अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर

हिंसा और तनाव की घटनाएं दक्षिण एशिया

क्षेत्र की सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं

। इस हिंसा से न केवल आम

नागरिकों की जान खतरे में आती है

बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता भी प्रभावित होती है।

दोनों देशों के बीच तल्ख

संबंधों के चलते आतंकवाद,

सीमा विवाद और शरणार्थी मुद्दे और जटिल हो गए हैं।

वैश्विक समुदाय, विशेषकर पड़ोसी और मध्यस्थ देशों

की भूमिका इस संकट को सुलझाने में अहम होगी.​

यह घटना और उसका

प्रभाव इस क्षेत्र में शांति

और स्थिरता की महत्वपूर्ण जरूरत को दर्शाता है।

सीमा सुरक्षा के मुद्दों को शांतिपूर्ण

ढंग से हल करने के लिए दोनों देशों

को तुर्की वार्ता जैसे मंचों पर गंभीरता

से प्रयास जारी रखना आवश्यक है।

सीमा पर गोलीबारी जैसी घटनाएं

न केवल मानवीय संकट को जन्म देती हैं

बल्कि कूटनीतिक रिश्तों को भी कमजोर करती हैं,

जिसका नुकसान पूरे दक्षिण एशिया को होता है।

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