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शशि थरूर कांग्रेस थरूर के गढ़ तिरुवनंतपुरम में BJP आगे, कांग्रेस तीसरे नंबर पर – निकाय चुनाव रुझान

On: December 13, 2025 6:08 AM
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शशि थरूर कांग्रेस

शशि थरूर कांग्रेस तिरुवनंतपुरम निकाय चुनाव में शशि थरूर के गढ़ में BJP सबसे आगे, कांग्रेस तीसरे नंबर पर। LDF 17, NDA 16, UDF 11 सीटों पर रुझान। केरल स्थानीय चुनाव की ताजा खबर और 2020 से तुलना पढ़ें।

नीतीश कुमार के बिहार विभाग बंटवारे के बाद अब केरल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। शशि थरूर के गढ़ तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में BJP सबसे आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई है। यह रुझान केरल की राजनीति में BJP की बढ़ती ताकत को दिखाते हैं। आइए, इस चुनावी ड्रामे को विस्तार से समझें।

शशि थरूर कांग्रेस

तिरुवनंतपुरम निकाय चुनाव: शुरुआती रुझान

केरल में दो चरणों में हुए स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना 13 दिसंबर 2025 को हो रही है। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों में से 45 के रुझान सुबह 10 बजे तक सामने आ चुके हैं। LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) को 17 सीटें, NDA (BJP गठबंधन) को 16 और UDF (कांग्रेस गठबंधन) को 11 सीटें मिलती दिख रही हैं। 70.91% वोटिंग के बावजूद कांग्रेस का यह प्रदर्शन शॉकिंग है।

शशि थरूर, जो 2009 से लगातार तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद हैं, का यह गढ़ अब फिसलता नजर आ रहा है। BJP की अगुवाई वाला NDA LDF को कड़ी टक्कर दे रहा है। यह चुनाव 9 दिसंबर को पहले चरण में हुए थे। कुल मिलाकर, तीनों फ्रंट्स के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है, लेकिन BJP की प्रगति सबसे ज्यादा चर्चा में है।

शशि थरूर कांग्रेस 2020 से तुलना: BJP की जबरदस्त छलांग

2020 के निकाय चुनावों में LDF ने 52 वार्ड जीते थे, NDA को 33 और UDF को सिर्फ 10 मिले थे। इस बार NDA 16 पर पहुंच गया, जबकि UDF घटकर 11 पर सिमट गई। LDF अभी 17 पर है, लेकिन अगर ट्रेंड जारी रहा तो BJP गठबंधन बहुमत के करीब पहुंच सकता है। यह शिफ्ट दक्षिण भारत में BJP की सेंट्रल स्ट्रैटजी का नतीजा है।

केरल में BJP का वोट शेयर 2021 विधानसभा में 12% था, जो अब लोकल लेवल पर फल दे रहा। RSS की ग्राउंड वर्किंग, हिंदुत्व एजेंडा और मोदी फैक्टर काम कर रहे हैं। थरूर जैसे सॉफ्ट इमेज वाले कांग्रेसी नेता के बावजूद BJP आगे है।

गठबंधनों की रणनीति

LDF की ताकत: CPI(M) ने 70 सीटें लड़ीं, CPI 17। केरल कांग्रेस (M), RJD, JD(S)

जैसे सहयोगी 3-3 या 2 सीटों पर। छोटे दल जैसे INL, कांग्रेस (S),

केरल कांग्रेस (B) ने 1-1 सीट लड़ी। LDF का फोकस विकास और वेलफेयर स्कीम्स पर रहा।

NDA की स्ट्रैटजी: BJP ने 96 सीटें लड़ीं, BDJS 3, केरल कामराज

कांग्रेस और शिवसेना 1-1। सभी 101 वार्डों पर फुल कवरेज। BJP ने हिंदू वोटरों को

एकजुट किया, खासकर सबरीमाला और राम मंदिर इश्यूज पर।

UDF की कमजोरी: कांग्रेस लीड UDF को सिर्फ 11 रुझान। थरूर की लोकप्रियता के बावजूद आंतरिक

कलह और वोट ट्रांसफर फेल। IUML और अन्य सहयोगी कमजोर पड़े।

शशि थरूर का क्या बिगड़ेगा?

शशि थरूर कांग्रेस के स्टार कैंपेनर हैं। उनकी किताबें, डिबेट स्किल्स और इंटरनेशनल इमेज पार्टी की ताकत है।

लेकिन लोकल चुनाव में यह काम नहीं आया। तिरुवनंतपुरम में BJP उम्मीदवार राधाकृष्णन

कुट्टी ने कड़ा मुकाबला किया। अगर ट्रेंड जारी रहा, तो थरूर का 2029 लोकसभा चुनाव मुश्किल हो सकता है।

कांग्रेस हाईकमान को अलार्म बेल बज रही है। राहुल गांधी के केरल फोकस के बावजूद यह फेलियर बड़ा झटका है।

विपक्षी नेता थरूर ने ट्वीट कर कहा, “रुझान बदल सकते हैं, लेकिन लोकल इश्यूज पर फोकस

जरूरी।” BJP ने इसे “कांग्रेस का पतन” बताते हुए जश्न मनाया।

केरल राजनीति पर असर

यह रुझान पूरे केरल के 941 ग्राम पंचायतों, 94 ब्लॉक, 265 नगर पंचायतों और 6 नगर निगमों

के चुनावों को प्रभावित करेंगे। BJP का उभार LDF की सत्ता को चैलेंज करेगा।

2026 विधानसभा चुनाव से पहले NDA मजबूत होगा। कांग्रेस का तीसरा स्थान INDIA अलायंस को कमजोर करेगा।

मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन LDF को बचाने में जुटे हैं, जबकि BJP स्टेट प्रेसिडेंट बोले, “केरल अब बदल रहा है।”

चुनौतियां और भविष्य

केरल में BJP को ईसाई-मुस्लिम वोटरों की चिंता है। लेकिन युवाओं और अपर कास्ट हिंदुओं का सपोर्ट बढ़ा।

कांग्रेस को लोकल लीडरशिप बिल्ड करनी होगी। थरूर जैसे सांसदों को ग्रासरूट से जुड़ना पड़ेगा।

निष्कर्ष

तिरुवनंतपुरम चुनाव BJP के लिए मील का पत्थर है।

शशि थरूर के गढ़ में तीसरा नंबर कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी।

केरल राजनीति अब त्रिपक्षीय हो गई। फाइनल रिजल्ट्स पर नजर। क्या BJP इतिहास रचेगी

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