NDA तिरुवनंतपुरम केरल निकाय चुनाव 2025 लाइव रिजल्ट: तिरुवनंतपुरम में NDA को बढ़त, थरूर के गढ़ में लेफ्ट गठबंधन से कड़ा मुकाबला। लेटेस्ट रुझान, वोटिंग अपडेट्स और फुल कवरेज यहाँ देखें!
केरल निकाय चुनाव 2025 के रुझानों ने राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया है। जहां पूरे राज्य में लेफ्ट गठबंधन को मजबूत बढ़त मिल रही है, वहीं तिरुवनंतपुरम में NDA ने कमाल कर दिखाया है। शशि थरूर के इस पारंपरिक गढ़ में BJP-नीत NDA आगे चल रहा है, जो केरल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव का संकेत देता है। आज के लाइव अपडेट्स के अनुसार, तिरुवनंतपुरम नगर निगम और आसपास के वॉर्ड्स में NDA को 40% से ज्यादा वोट शेयर मिला है। आइए, इसकी गहराई में उतरें।

तिरुवनंतपुरम: थरूर का किला, NDA का नया चेहरा
तिरुवनंतपुरम हमेशा से कांग्रेस और लेफ्ट का गढ़ रहा है। लोकसभा चुनावों में शशि थरूर ने यहां कई बार BJP को पटखनी दी है। लेकिन NDA तिरुवनंतपुरम के इस चुनाव में कुछ अलग नजारा दिख रहा है। प्रारंभिक रुझानों में NDA ने 15 से ज्यादा वॉर्ड्स में लीड ले ली है, जबकि लेफ्ट को सिर्फ 10 और कांग्रेस को 8 वॉर्ड्स में बढ़त है।
यह बदलाव क्यों? स्थानीय मुद्दों ने बड़ा रोल निभाया। हाल के वर्षों में बाढ़, कचरा प्रबंधन, सड़कें और विकास कार्यों की कमी ने वोटर्स को नाराज किया। BJP ने इन मुद्दों पर आक्रामक कैंपेन चलाया। उनके उम्मीदवारों ने “विकास और स्वच्छता” का नारा दिया, जो युवाओं और मध्यम वर्ग को भाया। इसके अलावा, RSS की ग्रासरूट एक्टिविटी ने हिंदू वोटरों को एकजुट किया। थरूर का नाम भले ही चमकदार हो, लेकिन लोकल बॉडी चुनाव में स्थानीय चेहरे हावी हो गए।
NDA तिरुवनंतपुरम केरल निकाय चुनाव का बड़ा परिदृश्य: लेफ्ट आगे, NDA का सरप्राइज
राज्यव्यापी रुझानों में लेफ्ट गठबंधन (CPI(M)-नीत) को 45% वोट शेयर मिला है, जो 2020 के पिछले चुनावों से बेहतर है। कोझिकोड, अलप्पुझा और त्रिशूर जैसे जिलों में लेफ्ट का दबदबा बरकरार है। कांग्रेस UDF को 35% वोट मिले, जबकि NDA को कुल 18%—जो पिछले चुनाव से दोगुना है।
लेकिन NDA तिरुवनंतपुरम की यह जीत BJP के लिए मील का पत्थर है।
2024 लोकसभा चुनाव में भी यहां BJP दूसरे नंबर पर रही थी।
अब निकाय स्तर पर सफलता मिलने से 2026 विधानसभा चुनावों में BJP की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि यह “मॉडल केरल” की मिथक को तोड़ने का संकेत है।
NDA के राष्ट्रीय नेताओं ने इसे “केरल में परिवर्तन की शुरुआत” बताया है।
प्रमुख कारण और आंकड़े: क्या कहते हैं नंबर्स?
- वोट शेयर: तिरुवनंतपुरम में NDA 42%, लेफ्ट 38%, UDF 18%।
- की वॉर्ड्स: लेमीगांव, नემम, पनविला में NDA की क्लीन स्वीप।
- टर्नआउट: 78% वोटिंग, जो 2020 से 5% ज्यादा।
- महिला वोट: महिलाओं में NDA को 35% समर्थन, विकास योजनाओं का असर।
BJP ने सोशल मीडिया और डोर-टू-डोर कैंपेन पर जोर दिया।
PM मोदी की रैलियां और स्थानीय स्टार प्रचारकों ने जादू चलाया।
दूसरी ओर, लेफ्ट की अंदरूनी कलह और कांग्रेस की कमजोर संगठन ने NDA को फायदा पहुंचाया।
भविष्य की राजनीति: क्या बदलेगा केरल का समीकरण?
NDA तिरुवनंतपुरम की यह बढ़त केरल BJP के लिए बूस्टर है।
अगर फाइनल रिजल्ट ऐसे ही रहे, तो तिरुवनंतपुरम नगर निगम में NDA की चेयरमैनशिप पक्की।
यह लेफ्ट के “लोकल बॉडी डोमिनेंस” को चुनौती देगा। 2026 असेंबली चुनावों में तिरुवनंतपुरम सीटें NDA के टारगेट पर होंगी।
थरूर जैसे बड़े नेताओं को अब लोकल लेवल पर सतर्क रहना पड़ेगा।
केरल की राजनीति हमेशा अप्रत्याशित रही है। 2016 में लेफ्ट की वापसी इसका उदाहरण है।
अब केरल निकाय चुनाव रिजल्ट से साफ है कि NDA उभरता सितारा बन रहा है। पूरे कवरेज के लिए बने रहें।







