ममदानी बैलेट स्कैम एलन मस्क ने न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी पर बैलेट स्कैम का आरोप लगाया, चेतावनी दी- इससे लोग मर सकते हैं! वायरल विवाद।

एलन मस्क भड़के: ममदानी बैलेट स्कैम से लोग मरेंगे!
न्यूयॉर्क शहर की राजनीति में भूचाल आ गया है। टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी पर ममदानी बैलेट स्कैम का गंभीर आरोप लगाया है। मस्क का दावा है कि बैलेट पर ममदानी का नाम दो जगह छपा होने से चुनाव प्रक्रिया में धांधली हुई, और इससे “लोग मर सकते हैं!” यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने अमेरिकी राजनीति में नई बहस छेड़ दी। आइए, इस ममदानी बैलेट स्कैम की पूरी कहानी समझते हैं।
#ममदानी बैलेट स्कैम क्या है?
न्यूयॉर्क मेयर चुनाव 2025 में जोहरान ममदानी, भारतीय मूल के मुस्लिम उम्मीदवार, ने शानदार जीत हासिल की। वे शहर के पहले मुस्लिम मेयर बनने जा रहे हैं। लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब एलन मस्क ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया कि बैलेट पेपर पर ममदानी का नाम दो अलग-अलग लाइनों में छपा था। मस्क ने इसे “स्कैम” करार दिया और कहा, “यह फ्यूजन वोटिंग सिस्टम का दुरुपयोग है, जो वोट चोरी का रास्ता खोलता है। इससे कई लोग मर जाएंगे!”
फ्यूजन वोटिंग न्यूयॉर्क का कानूनी सिस्टम है, जहां एक उम्मीदवार कई पार्टियों की लाइन पर नामांकित हो सकता है। मस्क का तर्क था कि इससे वोटर कन्फ्यूज हो जाते हैं और सिस्टम हैकर्स के लिए असुरक्षित हो जाता है। उन्होंने इसे “बैलेट पर ममदानी का नाम दो बार!” कहकर ट्रोल किया, जो तेजी से वायरल हुआ। ट्रंप समर्थक भी इस पर कूद पड़े, लेकिन ममदानी समर्थकों ने इसे गलतफहमी बताया।
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एलन मस्क क्यों भड़के?
एलन मस्क लंबे समय से अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहे हैं। 2024 राष्ट्रपति चुनाव में भी उन्होंने वोटिंग मशीनों पर हमला बोला था। ममदानी बैलेट स्कैम को वे शहर की सुरक्षा से जोड़ते हैं। मस्क का कहना है कि ऐसी धांधली से अवैध प्रवासियों को फायदा मिलेगा, जो अपराध बढ़ाएगा और “लोग मरेंगे।” उनका यह बयान न्यूयॉर्क की सड़कों पर बढ़ते अपराध के संदर्भ में आया, जहां हाल ही में शूटिंग की घटनाएं सुर्खियां बनीं।
मस्क ने पोस्ट में लिखा, “न्यूयॉर्क मेयर चुनाव एक बड़ा स्कैम है। Zohran Mamdani का नाम बैलेट पर दो जगह – यह वोट चोरी है!” इसने लाखों व्यूज पाए। ट्रंप ने भी ममदानी पर निशाना साधा, लेकिन मस्क का स्टेटमेंट सबसे ज्यादा वायरल रहा।
विवाद के दोनों पहलू
ममदानी समर्थक कहते हैं कि फ्यूजन वोटिंग कानूनी है और 100 साल पुरानी प्रथा। बीबीसी हिंदी के अनुसार, ममदानी की जीत तय थी, और मस्क का दावा मजाक बन गया। दूसरी ओर, मस्क के फॉलोअर्स इसे सिस्टम की खामी बताते हैं। क्या यह ममदानी बैलेट स्कैम वाकई घातक है? विशेषज्ञों का मानना है कि बैलेट डिजाइन में त्रुटि हो सकती है, लेकिन धांधली का कोई पुख्ता सबूत नहीं।
न्यूयॉर्क चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी वोट वैध हैं। फिर भी, मस्क का “लोग मरेंगे” वाला बयान डर पैदा कर रहा है। क्या यह राजनीतिक साजिश है या सच्ची चिंता? डोनाल्ड ट्रंप ने भी ममदानी को “खतरा” कहा, जो विवाद को और भड़का रहा है।
इसका असर क्या होगा?
यह विवाद अमेरिकी राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
मस्क की लोकप्रियता से ममदानी बैलेट स्कैम ट्रेंड कर रहा है।
न्यूयॉर्क में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। ममदानी ने जवाब दिया,
“लोकतंत्र में विश्वास रखें।” लेकिन मस्क पीछे हटने को तैयार नहीं।
भारतीय समुदाय में ममदानी की जीत गर्व का विषय है,
पर यह स्कैम विवाद इसे कलंकित कर रहा।
क्या मस्क सही हैं? फैक्ट-चेक साइट्स कहती हैं – ज्यादातर दावे अतिशयोक्ति हैं।
निष्कर्ष: सच्चाई की तलाश
एलन मस्क भड़के तो सही, लेकिन ममदानी बैलेट स्कैम पर तथ्य जांच जरूरी।
सोशल मीडिया अफवाहें फैलाता है, लेकिन सच्चाई स्रोतों में है।
न्यूयॉर्कवासी सतर्क रहें – लोकतंत्र की रक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी।
क्या आपका क्या विचार है? कमेंट करें!
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