महाराष्ट्र तीन गठबंधन महाराष्ट्र में ठाकरे ब्रदर्स और कांग्रेस की नई दोस्ती से तीन गठबंधन बन रहे। राज-उद्धव ठाकरे की धुरी राजनीति कैसे बदलेगी? जानें महाराष्ट्र गठबंधन राजनीति के नए समीकरण।

#महाराष्ट्र में तीन गठबंधन की दिशा: ठाकरे ब्रदर्स और कांग्रेस की नई धुरी
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। ठाकरे ब्रदर्स – उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे – के साथ कांग्रेस की नई दोस्ती ने राज्य में तीन गठबंधन की दिशा तय कर दी है। यह ठाकरे ब्रदर्स कांग्रेस गठबंधन न केवल शिवसेना के दोनों धड़ों को एकजुट कर रहा है, बल्कि महाराष्ट्र गठबंधन राजनीति को नया मोड़ दे रहा है। क्या यह BJP और महा विकास अघाड़ी (MVA) दोनों के लिए चुनौती बनेगा? आइए समझते हैं इसकी गहराई।
ठाकरे ब्रदर्स की फिर से एकजुटता: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) लंबे समय से अलगाव की भेंट चढ़ी हुई थीं। 2022 के विधानसभा चुनावों में दोनों ने अलग-अलग लड़ा, जिससे राष्ट्रवादी वोट बंट गया। लेकिन अब ठाकरे ब्रदर्स की नई धुरी कांग्रेस के साथ बन रही है। हालिया बैठकों में राज ठाकरे ने उद्धव से गठबंधन की पेशकश की, और कांग्रेस ने इसे स्वीकार कर लिया। यह महाराष्ट्र तीन गठबंधन का पहला संकेत है – एक तरफ NDA (BJP-शिंदे शिवसेना), दूसरी MVA (NCP-अजित, राष्ट्रवादी कांग्रेस), और तीसरी यह नई कांग्रेस-ठाकरे गठबंधन।
राज ठाकरे की MNS मुंबई और विदर्भ में मजबूत है, जबकि उद्धव की शिवसेना को मराठवाड़ा और कोंकण से समर्थन मिलता है। कांग्रेस की पुरानी पहुंच ग्रामीण इलाकों में है। इस नई राजनीतिक धुरी से तीनों का वोट बैंक मजबूत होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह 2029 के विधानसभा चुनावों से पहले का मास्टरस्ट्रोक है।
कांग्रेस की रणनीति: क्यों ठाकरे ब्रदर्स के साथ दोस्ती?
कांग्रेस महाराष्ट्र में लंबे समय से कमजोर हुई है। 2019 के लोकसभा चुनावों में उसे महज 1 सीट मिली। अब कांग्रेस महाराष्ट्र में वापसी की कोशिश कर रही है। ठाकरे ब्रदर्स के साथ गठबंधन से उसे मराठी मानुस का वोट मिलेगा, जो BJP के हाथों खिसक गया था। संजय राउत और अशोक चव्हाण जैसे नेताओं के बयानों से साफ है कि यह ठाकरे कांग्रेस दोस्ती स्थायी हो सकती है।
इस गठबंधन से महाराष्ट्र गठबंधन राजनीति त्रिकोणीय हो जाएगी। NDA को मुंबई में चुनौती मिलेगी, MVA का वोट स्प्लिट होगा, और कांग्रेस को नई सांस मिलेगी। लेकिन सवाल यह है – क्या राज ठाकरे BJP के खिलाफ पूरी तरह हैं? उनके बेटे अमित ठाकरे की BJP से नजदीकी पुरानी है।
तीन गठबंधन के मायने: राजनीतिक समीकरण कैसे बदलेगा?
महाराष्ट्र तीन गठबंधन से राज्य की सत्ता की होड़ तीखी हो जाएगी:
- NDA गठबंधन: BJP-शिंदे शिवसेना मजबूत रहेगी, लेकिन ठाकरे ब्रदर्स का अलग होना नुकसान।
- MVA: शरद पवार की NCP और सुप्रिया सुले को झटका लगेगा।
- नई धुरी: कांग्रेस-ठाकरे से 50-60 सीटें संभव, खासकर BMC चुनावों में।
विश्लेषकों के अनुसार, यह गठबंधन महाराष्ट्र राजनीति को 1995 के स्तर पर ले जाएगा,
जब शिवसेना-BJP साथ थी। लेकिन अब नई राजनीतिक धुरी जातिगत समीकरणों को भी प्रभावित करेगी
मराठा वोट एक तरफ, OBC दूसरी तरफ।
चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं
यह गठबंधन बिना बाधाओं के नहीं चलेगा।
MNS कार्यकर्ताओं का कांग्रेस के खिलाफ पुराना गुस्सा,
और उद्धव की Eknath Shinde को माफ न करने की जिद बाधा बनेगी।
फिर भी, ठाकरे ब्रदर्स कांग्रेस गठबंधन से महाराष्ट्र में तीसरा मोर्चा उभरेगा।
2025 के BMC चुनाव इसका पहला टेस्ट होंगे।
निष्कर्षतः
महाराष्ट्र में तीन गठबंधन की दिशा ठाकरे ब्रदर्स और कांग्रेस की इस नई धुरी से तय हो रही है।
यह राजनीति को बहुलवादी बनाएगा या अस्थिरता लाएगा – समय बताएगा।











