बजट 2026 : 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में Union Budget 2026 पेश करेंगी – यह पहली बार होगा जब बजट रविवार को आएगा। किसान समुदाय, जो देश की अर्थव्यवस्था का 18-20% योगदान देता है, इस बजट से काफी उम्मीदें लगा रहा है। पिछले सालों में कृषि बजट लगातार बढ़ा है – 2013-14 में ₹21,933 करोड़ से अब ₹1.27 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है। 2025-26 में यह ₹1.37 लाख करोड़ था, और विशेषज्ञों का अनुमान है कि Budget 2026 agriculture allocation ₹1.50 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। किसानों की मुख्य मांगें जलवायु परिवर्तन, बढ़ती इनपुट लागत, बाजार पहुंच, पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस और निर्यात बाधाओं से निपटने पर केंद्रित हैं। आइए जानते हैं किसान बजट 2026 expectations क्या हैं।
किसानों की टॉप डिमांड्स: क्या उम्मीद है बजट से?
किसान संगठन और एक्सपर्ट्स ने कई प्रमुख मांगें रखी हैं, जो लंबे समय से चली आ रही हैं:
कृषि बजट में बढ़ोतरी: 2025-26 के ₹1.37 लाख करोड़ से बढ़कर ₹1.50 लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद। इसमें PM-KISAN, PM Fasal Bima Yojana (PMFBY) और PM Krishi Sinchayee Yojana (PMKSY) के लिए ज्यादा फंडिंग शामिल हो सकती है।
फसल बीमा योजना में सुधार: जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान को देखते हुए PMFBY में ज्यादा आवंटन और बेहतर कवरेज की मांग। क्लेम सेटलमेंट तेज और पारदर्शी बनाने पर जोर।

सिंचाई और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर: PMKSY के तहत सिंचाई परियोजनाओं को बढ़ावा, पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस कम करने के लिए कोल्ड-चेन और रूरल कनेक्टिविटी में निवेश। लॉजिस्टिक्स कॉस्ट अब 13-14% GDP पर आ गई है, लेकिन और सुधार की जरूरत।
नया सीड बिल: फर्जी और घटिया बीजों पर सख्ती। नए बिल में ₹30 लाख तक जुर्माना और 3 साल तक जेल की सजा का प्रावधान। इससे किसानों को नुकसान से बचाव और उत्पादकता बढ़ेगी।
- कृषि निर्यात को बढ़ावा: सालाना ₹50-55 बिलियन के एक्सपोर्ट को बढ़ाने के लिए फास्ट अप्रूवल
- वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस और ग्लोबल टैरिफ/बैरियर्स से निपटने की नीतियां।
- सस्टेनेबल फार्मिंग और डिजिटल इंफ्रा: क्लाइमेट रेसिलिएंट फार्मिंग, डिजिटल टूल्स
- AI इन एग्रीकल्चर, और एलाइड सेक्टर्स (पशुपालन, मत्स्य पालन, हॉर्टिकल्चर)
- में निवेश। रूरल क्रेडिट और R&D पर ज्यादा फोकस।
- PM-KISAN में बढ़ोतरी?: कुछ रिपोर्ट्स में ₹6,000 से बढ़ाकर ₹8,000 या ₹12,000 सालाना करने की चर्चा लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं।
- अन्य: KCC लोन लिमिट बढ़ाना, कॉटन प्रोडक्टिविटी मिशन, हाई-यील्डिंग सीड्स मिशन जैसी पुरानी घोषणाओं को लागू करने की मांग।
किसानों की चुनौतियां और क्यों जरूरी है ये बजट
- किसान आजकल क्लाइमेट चेंज, महंगे इनपुट (उर्वरक, बीज), बाजार में कम कीमत
- और ग्लोबल ट्रेड टेंशन से जूझ रहे हैं। कृषि ग्रोथ रेट इस साल 3.1% रहने का अनुमान है
- जो पिछले साल से कम है। पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस कम करने और किसान आय दोगुनी करने के लिए इंफ्रा
- टेक्नोलॉजी और एक्सपोर्ट पर फोकस जरूरी है। सरकार की योजनाएं जैसे PM-KISAN
- (किसानों को डायरेक्ट इनकम सपोर्ट), PMFBY (फसल बीमा) और PMKSY (सिंचाई)
- पहले से चल रही हैं, लेकिन इनमें और मजबूती की जरूरत है।
- एक्सपर्ट अभिनव तिवारी (Bonanza) कहते हैं, “कृषि बजट बढ़कर 1.5 लाख करोड़ हो सकता है
- जिसमें PM-KISAN, फसल बीमा और सिंचाई योजनाओं के लिए ज्यादा फंड आएंगे।
- तुषार बदजात (Badjat Stock) ने लॉजिस्टिक्स सुधारों का जिक्र किया, जो पोस्ट-हार्वेस्ट
- लॉस कम कर किसानों को बेहतर दाम दिला सकते हैं।
बजट 2026 का महत्व: Annadata पर फोकस
यह बजट ‘Viksit Bharat @2047’ के विजन से जुड़ा है, जहां कृषि को पहला इंजन माना गया है। पिछले बजट में ‘Prime Minister Dhan-Dhaanya Krishi Yojana’ जैसी घोषणाएं हुईं, लेकिन कई अभी लागू नहीं हुईं। किसान चाहते हैं कि इस बार ठोस एक्शन हो – ज्यादा बजट, बेहतर इंफ्रा और पॉलिसी सपोर्ट से उनकी आय बढ़े।
उम्मीदों का इंतजार
- Budget 2026 farmers expectations में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने का बड़ा मौका है।
- अगर सरकार इन मांगों पर अमल करती है, तो किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी
- और देश खाद्यान्न का ‘फूड बास्केट’ बनेगा। 1 फरवरी को निर्मला सीतारमण क्या ऐलान करती हैं
- इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। क्या आपको लगता है
- बजट में MSP लीगल गारंटी या PM-KISAN बढ़ोतरी आएगी? कमेंट्स में बताएं!
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