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भारतीयों की पसंद से बाहर टैबलेट, बाजार में दर्ज की गई बड़ी गिरावट कौन सी कंपनी बनी टॉप खरीददार

On: December 8, 2025 4:05 AM
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भारतीयों की पसंद से बाहर टैबलेट, बाजार में दर्ज की गई बड़ी गिरावट कौन सी कंपनी बनी टॉप खरीददार

टैबलेट बिक्री गिरावट भारत में टैबलेट की बढ़ती बिक्री में गिरावट और उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं का विश्लेषण। जानिए कौन सी कंपनी ने इस चुनौतीपूर्ण दौर में शीर्ष स्थान हासिल किया है और मार्केट की वर्तमान स्थिति क्या है।

भारतीयों की पसंद से बाहर टैबलेट, बाजार में दर्ज की गई बड़ी गिरावट कौन सी कंपनी बनी टॉप खरीददार
टैबलेट बिक्री गिरावट

स्मार्टफोन की बढ़ती लोकप्रियता

स्मार्टफोन बाजार में तेज़ी से तकनीकी सुधार और फीचर्स का विस्तार टैबलेट की जगह ले रहा है।

बड़े स्क्रीन वाले स्मार्टफोन जिन्हें फोनेबल या फोल्डेबल स्मार्टफोन के नाम से जाना जाता है,

एक नई कैटेगरी बन गए हैं। ये डिवाइस लैपटॉप की तुलना में ज्यादा पोर्टेबल होते हैं

और टैबलेट के मुकाबले कम कीमत में अधिक काम करते हैं। इस वजह से लोगों ने टैबलेट की तुलना

में स्मार्टफोन को प्राथमिकता दी है।

लैपटॉप और 2-इन-1 डिवाइसेज की बढ़ती मांग

वर्क फ्रॉम होम (WFH) कल्चर के बढ़ने से लैपटॉप और 2-इन-1 डिवाइसेज की मांग में बढ़ोतरी हुई है।

ये डिवाइस प्रोफेशनल काम और शिक्षा दोनों के लिए ज्यादा उपयुक्त साबित हुए हैं।

टैबलेट की सीमित कार्यक्षमता की वजह से लोग इन उन्नत डिवाइसेज की ओर मुड़ रहे हैं।

विशेष रूप से छात्रों और कॉर्पोरेट कर्मचारियों के बीच यह ट्रेंड तेजी से बढ़ा है।

कंटेंट क्रिएशन में सीमित क्षमताएं

टैबलेट आमतौर पर कंटेंट क्रिएशन जैसे कामों के लिए अनुकूल नहीं होते, खासकर प्रोफेशनल स्तर पर।

ग्राफिक डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग या बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग के लिए टैबलेट का उपयोग सीमित विकल्प प्रदान करता है।

इसलिए वह उपयोगकर्ता जो इन क्रिएटिव या प्रोफेशनल कामों के लिए डिवाइस की तलाश में हैं,

वे टैबलेट के बजाय लैपटॉप या पावरफुल स्मार्टफोन चुन रहे हैं।

मूल्य निर्धारण और प्रतिस्पर्धा

कई टैबलेट ब्रांड्स ने अपनी कीमतों में उतनी लचीलेपन नहीं दिखाया जितनी स्मार्टफोन या लैपटॉप कंपनियों ने। इसके कारण उपभोक्ता कीमत के आगे मजबूर हो गए और उन्होंने या तो सस्ते स्मार्टफोन या बेहतर फीचर्स वाले लैपटॉप को प्राथमिकता दी। इसके अलावा, चीनी कंपनियों ने भारतीय बाजार में कम कीमत पर अधिक फीचर्स वाले स्मार्टफोन उपलब्ध कराए हैं, जिससे टैबलेट की मांग प्रभावित हुई है।

बाजार की वर्तमान स्थिति

हालांकि टैबलेट की बिक्री में गिरावट आई है, फिर भी कुछ कंपनियां इस बाज़ार में अच्छी पकड़ बनाए हुए हैं।

खासतौर पर उन कंपनियों ने जो टैबलेट को शिक्षा और ऑनलाइन पढ़ाई के उपकरण के रूप में प्रमोट कर रही हैं,

उन्हें कुछ हद तक सफलता मिली है। कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा के बढ़ते

चलन ने कुछ समय के लिए टैबलेट की मांग में वृद्धि भी देखी गई थी।

वहीं, बाजार में टॉप पर बनी कंपनियों ने अपनी रणनीति बदलकर नए मॉडलों में बेहतर बैटरी लाइफ

, हाई-रिज़ॉल्यूशन डिस्प्ले और स्टाइलस सपोर्ट जैसे फीचर्स पर फोकस किया है। इससे कुछ हद तक ग्राहकों की रुचि बनी हुई है।

भविष्य की संभावनाएँ

टैबलेट मार्केट का भविष्य पूरी तरह खत्म हो गया है ऐसा नहीं कहा जा सकता। डिजिटल शिक्षा,

मनोरंजन और पोर्टेबल कार्य उपकरण की बढ़ती जरूरत के कारण टैबलेट अभी भी एक आवश्यक डिवाइस हो सकता है।

कंपनियों को चाहिए कि वे यूजर की जरूरतों को समझकर नए और किफायती मॉडल पेश करें

जो खासतौर पर शिक्षा और छोटे व्यवसायों के लिए उपयुक्त हों।

इसके अलावा, 5G और IoT जैसे तकनीकी सुधार भी टैबलेट की उपयोगिता को बढ़ा सकते हैं।

अगर टैबलेट को स्मार्टफोन और लैपटॉप के बीच की जरूरत के हिसाब से बेहतर बनाया जाए तो

इसकी बिक्री बढ़ाई जा सकती है।

निष्कर्ष

भारत में टैबलेट की बिक्री में गिरावट के कई कारण हैं, जिनमें स्मार्टफोन और लैपटॉप की बढ़ती लोकप्रियता सबसे प्रमुख हैं। साथ ही, उपभोक्ता की बदलती प्राथमिकता और तकनीकी आवश्यकताएं भी इस गिरावट में भूमिका निभा रही हैं। हालांकि, शिक्षा और विशेष प्रोफेशनल उपयोग के लिए टैबलेट की मांग बनी रहेगी।

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