एशिया मार्केट कोहरा : जापान-हॉन्गकॉन्ग से कोरिया तक एशिया मार्केट में कोहरा! सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम, टॉप 10 शेयर बिखरे। स्टॉक क्रैश के कारण, लॉस और रिकवरी टिप्स जानें।
जापान-हॉन्गकॉन्ग से कोरिया तक एशिया मार्केट में कोहरा: सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम, टॉप 10 शेयर बिखरे!
15 दिसंबर 2025 – एशियाई शेयर बाजारों में भारी भूकंप! जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 5.2% लुढ़का, हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग 4.8% नीचे, और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.1% गिरा। इस एशिया मार्केट कोहरा ने भारतीय बाजार को भी नहीं बख्शा – सेंसेक्स 1,247 अंक (2.1%) और निफ्टी 372 अंक (2%) धड़ाम से गिरे। निवेशकों का ₹8 लाख करोड़ का फंजी उड़ गया। आखिर क्या है इस स्टॉक क्रैश का राज?

एशिया मार्केट कोहरा: मुख्य कारण क्या हैं?
यह गिरावट रातोंरात नहीं हुई। अमेरिकी फेड रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती न आने और चीन की आर्थिक सुस्ती ने एशिया को हिला दिया। जापान में येन का तेज मूल्यांकन और हॉन्गकॉन्ग में रियल एस्टेट बबल फटना ने कोहरा फैलाया। कोरिया के सेमीकंडक्टर शेयर जैसे सैमसंग पर दबाव बढ़ा।
भारत में FIIs (विदेशी निवेशक) ने ₹25,000 करोड़ की बिकवाली की, जिससे सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम। वैश्विक तेल कीमतें $68 पर पहुंचीं और ट्रंप टैरिफ धमकी ने बाजार को डराया।
टॉप 10 शेयर जो सबसे ज्यादा बिखरे
यहाँ वे 10 शेयर हैं जिनमें सबसे भारी नुकसान हुआ (आज की क्लोजिंग डेटा):
- रिलायंस (-4.2%, ₹2,456)
- HDFC बैंक (-3.8%, ₹1,512)
- इंफोसिस (-5.1%, ₹1,789)
- TCS (-4.5%, ₹4,012)
- HCL टेक (-5.6%, ₹1,623)
- ICICI बैंक (-3.2%, ₹1,234)
- LT (-4.9%, ₹3,456)
- टाटा स्टील (-6.1%, ₹145)
- JSW स्टील (-5.8%, ₹890)
- अडानी एंटरप्राइजेज (-7.2%, ₹2,789)
IT और मेटल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित।
वैश्विक प्रभाव: सेंसेक्स-निफ्टी पर क्या बोझ?
सेंसेक्स 82,079 पर बंद हुआ (पहले 83,326), जबकि निफ्टी 25,002 पर। मिडकैप और स्मॉलकैप में 3-4% की चोट। एशिया के बाद यूरोप के FTSE और DAX भी लाल। लेकिन गोल्ड ₹78,500 पर चमका – सेफ हैवन में खरीदारी बढ़ी।
रिकवरी टिप्स: अब क्या करें निवेशक?
- लॉन्ग-टर्म होल्डर: घबराएं नहीं, SIP जारी रखें।
- ट्रेडर्स: पुट ऑप्शन खरीदें या कैश में रहें।
- सेक्टर रोटेशन: फार्मा, FMCG और PSU बैंक में शिफ्ट।
- स्टॉप लॉस सेट करें – 5% गिरावट पर एग्जिट।
- गोल्ड ETF या US बॉन्ड में पार्क करें।
विशेषज्ञ कहते हैं, यह करेक्टिव फेज है, न कि बुल रन खत्म। कल RBI की MPC मीटिंग से राहत मिल सकती है।
निष्कर्ष: एशिया मार्केट कोहरा से सीख – डाइवर्सिफाई करें, न्यूज फॉलो करें। क्या आपका पोर्टफोलियो बचा? कमेंट में बताएं!
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