सोना-चांदी : 21 जनवरी 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोना एक झटके में ₹7,795 बढ़कर ₹1,55,204 प्रति 10 ग्राम (बिना GST) पर पहुंच गया। GST सहित यह ₹1,59,860 के स्तर पर है। वहीं चांदी ने ₹10,730 की छलांग लगाई और ₹3,20,075 प्रति किलोग्राम (बिना GST) पर ट्रेड कर रही है – GST के साथ करीब ₹3.30 लाख प्रति किलो। यह एक दिन में अब तक की सबसे बड़ी तेजी में से एक है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है। साल के पहले 21 दिनों में ही सोना ₹22,009 और चांदी ₹89,755 महंगा हो चुका है। आइए जानते हैं gold price today India और silver price surge reasons क्या हैं।
आज के ताजा भाव शहरों में कितना है सोना-चांदी?
- 24 कैरेट सोना (बिना GST): ₹1,55,204 प्रति 10 ग्राम (पिछले दिन से +₹7,795)
- 22 कैरेट सोना (बिना GST): ₹1,42,167 प्रति 10 ग्राम (+₹7,140)
- 18 कैरेट सोना (बिना GST): ₹1,16,403 प्रति 10 ग्राम (+₹5,846)
- चांदी (बिना GST): ₹3,20,075 प्रति किलो (+₹10,730)
- GST सहित: सोना करीब ₹1.60 लाख और चांदी ₹3.30 लाख के आसपास।
शहरों में लोकल रेट्स में ₹1,000-2,000 का अंतर हो सकता है। MCX पर भी फरवरी वायदा सोना ₹1.57 लाख के करीब और चांदी ₹3.25-3.30 लाख पर नई ऊंचाई छू रही है।

एक दिन में इतनी बड़ी तेजी क्यों? मुख्य कारण
यह अचानक उछाल कोई संयोग नहीं है। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग ने कीमतों को आसमान छू दिया है। प्रमुख वजहें:
- ट्रंप की ग्रीनलैंड पॉलिसी और यूरोप पर टैरिफ थ्रेट: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड नीति
- और यूरोपीय देशों पर टैरिफ की धमकी से वैश्विक व्यापार युद्ध का डर बढ़ गया है।
- यूरोप ने कड़ा जवाब दिया, जिससे आर्थिक विकास पर सवाल उठे हैं।
- ऐसे में निवेशक सेफ-हेवन एसेट जैसे सोने-चांदी की ओर भाग रहे हैं।
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी: ट्रेडर्स और इंपोर्टर्स की बिकवाली से डॉलर कमजोर हुआ, जो सोने की कीमतों को सपोर्ट करता है। डॉलर इंडेक्स गिरने से precious metals महंगे हो जाते हैं।
- रिटेल और इंस्टीट्यूशनल डिमांड: रिटेल निवेशक अनिश्चितता में सोने में पैसा लगा रहे हैं।
- पिछले साल 2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगा हुआ था, जिससे 2026 में भी मोमेंटम जारी है।
- सेंट्रल बैंक (RBI समेत) सोने की खरीदारी बढ़ा रहे हैं।
भू-राजनीतिक तनाव: US-EU ट्रेड टेंशन, ग्लोबल ग्रोथ वॉरिज और अन्य जियोपॉलिटिकल इश्यूज ने सेफ-हेवन डिमांड को बूस्ट दिया।
इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड $4,700+ प्रति औंस और सिल्वर $94+ प्रति औंस पर रिकॉर्ड हाई पर है, जो भारतीय कीमतों को प्रभावित कर रहा है।
निवेशकों के लिए क्या मतलब? क्या खरीदें या इंतजार करें?
- निवेश का मौका: अगर आप लॉन्ग-टर्म निवेशक हैं, तो यह तेजी जारी रह सकती है।
- एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रेड वॉर और अनिश्चितता कम होने तक कीमतें हाई रहेंगी।
- खरीदारी पर असर: शादी-विवाह सीजन में सोना महंगा होने से आम आदमी परेशान है।
- मेकिंग चार्जेस और GST के साथ 10 ग्राम सोना ₹1.60 लाख+ हो गया है।
- चांदी का स्पेशल केस: चांदी में इंडस्ट्रियल डिमांड (सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स) भी तेजी का कारण है
- जिससे यह सोने से ज्यादा उछल रही है।
रिकॉर्ड हाई पर सोना-चांदी, सावधानी बरतें!
21 जनवरी 2026 को gold price surge Rs 7795 और silver jump Rs 10730 ने बाजार को हिला दिया है। वैश्विक ट्रेड टेंशन, डॉलर की कमजोरी और सेफ-हेवन डिमांड मुख्य ड्राइवर हैं। अगर आप निवेश सोच रहे हैं, तो मार्केट ट्रैक करें और लोकल सर्राफा से चेक करें। कीमतें रोज नए रिकॉर्ड बना रही हैं – क्या यह ट्रेंड 2026 में जारी रहेगा? कमेंट्स में अपनी राय बताएं!







