सोना 2026 में रिकॉर्ड : 12 जनवरी 2026 को वैश्विक बाजारों में सोने ने नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। स्पॉट गोल्ड की कीमत 2% की तेजी के साथ पहली बार $4,600 प्रति औंस के स्तर को पार कर गई। यह उछाल पिछले साल 2025 में सोने के 65% से ज्यादा के जबरदस्त रिटर्न के बाद आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रैली अभी खत्म नहीं हुई है और पहली छमाही में $5,000 तक पहुंच सकती है।
इस बार सोने की तेजी के पीछे कई बड़े कारक हैं, जिनमें भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी नीतिगत अनिश्चितता सबसे प्रमुख हैं:
फेड चेयर जेरोम पॉवेल पर जांच अमेरिकी न्याय विभाग ने फेडरल रिजर्व चेयर जेरोम पॉवेल की जांच शुरू की है। यह जांच फेड के वाशिंगटन मुख्यालय के $2.5 बिलियन के नवीनीकरण और पॉवेल की कांग्रेस में गवाही से जुड़ी है। पॉवेल ने खुद रविवार रात बयान दिया कि यह जांच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस लंबे समय से चली आ रही नाराजगी से जुड़ी है, जिसमें फेड दरों में तेज कटौती न करने पर दबाव डाला जा रहा है। यदि पॉवेल इस्तीफा देते हैं या कोई नया चेयर आता है जो दर कटौती के पक्ष में ज्यादा है, तो सोने को बड़ा फायदा होगा। कम ब्याज दरें सोने जैसी गैर-उपज वाली संपत्ति को आकर्षक बनाती हैं।

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई साल की शुरुआत में अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य ऑपरेशन चलाया, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को पिछले सप्ताहांत गिरफ्तार किया गया। हालांकि यह मुद्दा जल्दी सुलझता दिख रहा है, लेकिन यह घटना भू-राजनीतिक अनिश्चितता को दर्शाती है। विश्लेषकों का कहना है कि इससे वैश्विक जोखिम बढ़ा है, जिसने सोने को सुरक्षित आश्रय (सेफ-हेवन) के रूप में मजबूत किया।
- ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन और तनाव ईरान में घातक विरोध प्रदर्शनों ने स्थिति को और गंभीर बनाया है।
- अमेरिका ने ईरान में अशांति पर प्रतिक्रिया के विकल्पों पर विचार किया है।
- कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति ईरान में बदलाव ला सकती है, जो तेल बाजार और
- वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा। ऐसे में निवेशक सोने की ओर भाग रहे हैं।
अन्य सहायक कारक
- अमेरिकी डॉलर कमजोर होना
- अमेरिकी श्रम बाजार में ठंडक और नौकरियों के आंकड़ों में कमजोरी से दर कटौती की उम्मीद
- वैश्विक राजकोषीय घाटे में वृद्धि
- केंद्रीय बैंकों द्वारा डॉलर से दूर होकर सोने में विविधीकरण (हालांकि उच्च कीमतों के कारण खरीदारी 2022-2024 के पीक से कम हो सकती है)
विशेषज्ञों की भविष्यवाणी क्या है?
- HSBC का कहना है कि ट्रेडिंग मोमेंटम और सेफ-हेवन डिमांड से पहली छमाही में $5,000 तक पहुंच संभव है।
- स्टैंडर्ड चार्टर्ड के रजत भट्टाचार्य ने सोने को 2026 की सबसे मजबूत एसेट क्लास में से एक बताया।
- बैंक ऑफ सिंगापुर के एली ली ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी रहेगी, जिससे सोना मजबूत रहेगा।
भारतीय निवेशकों के लिए क्या मतलब?
- भारत में सोने की कीमतें भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी के साथ बढ़ रही हैं। MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स ने
- भी नया रिकॉर्ड बनाया है। निवेशक इस समय सोने में निवेश को सुरक्षित मान रहे हैं, खासकर
- जब स्टॉक मार्केट में अस्थिरता है। लेकिन उच्च कीमतों पर खरीदारी से पहले
- सावधानी बरतें और लंबी अवधि के लिए निवेश पर विचार करें।
यह साल सोने के लिए ऐतिहासिक साबित हो रहा है। पॉवेल जांच, वेनेजुएला-ईरान संकट और नीतिगत अनिश्चितता ने मिलकर सोने को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और अवसर दोनों लाया है।







