यूपी सरकार : उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए प्रवेश प्रक्रिया को और सरल बनाने का बड़ा फैसला लिया गया है। 10 जनवरी 2026 को जारी खबर के अनुसार, अब बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं रहेगा। साथ ही, माता-पिता में से सिर्फ एक का आधार कार्ड ऑनलाइन आवेदन के लिए काफी होगा। यह बदलाव उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो आधार से जुड़ी तकनीकी परेशानियों का सामना कर रहे थे।
यूपी सरकार RTE प्रवेश में मुख्य बदलाव क्या हैं?
बेसिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पार्थ सरथी सेन शर्मा ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि RTE अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में 25% सीटें वंचित बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। लेकिन अब प्रक्रिया को ‘ईज ऑफ लिविंग’ के सिद्धांत पर आधारित बनाया गया है।

- बच्चे का आधार कार्ड: अब जरूरी नहीं।
- माता-पिता का आधार: केवल एक माता-पिता (माता या पिता) का आधार कार्ड ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए इस्तेमाल होगा।
- वित्तीय सहायता: RTE के तहत मिलने वाली फीस प्रतिपूर्ति और अन्य मदद (जैसे किताबें, यूनिफॉर्म के लिए ₹5000 सालाना) सिर्फ आधार से लिंक बैंक खाते में ट्रांसफर होगी।
- दस्तावेज सत्यापन: ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर पर होगा।
- स्कूल आवंटन: पूरी तरह ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम से – दो चरणों में (रैंडमाइजेशन और आवंटन)। डीएम द्वारा अंतिम अनुमोदन के बाद सूची जारी होगी।
यह फैसला उन हजारों परिवारों के लिए वरदान साबित होगा जो आधार जनरेशन या वेरिफिकेशन में देरी के कारण बच्चों का दाखिला नहीं करा पाते थे।
पात्रता और आयु सीमा के नियम
RTE के तहत प्रवेश के लिए बच्चे की आयु इस प्रकार होनी चाहिए:
- नर्सरी: 3 वर्ष या अधिक लेकिन 4 वर्ष से कम
- LKG: 4 से 5 वर्ष
- UKG: 5 से 6 वर्ष
- कक्षा 1: 6 से 7 वर्ष
- प्रत्येक जिले में वार्षिक लक्ष्य तय किया जाएगा, जो जिले के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों
- की सबसे कम प्रवेश कक्षा (प्री-प्राइमरी या कक्षा 1) की कुल क्षमता का 25% तक होगा।
आवेदन प्रक्रिया कैसे होगी?
- ऑनलाइन आवेदन: आधिकारिक पोर्टल (rte25.upsdc.gov.in) पर फॉर्म भरें।
- जरूरी दस्तावेज: जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण (राशन कार्ड, वोटर आईडी आदि),
- आय प्रमाण पत्र (EWS के लिए), जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू)।
- सत्यापन: स्थानीय अधिकारियों द्वारा।
- लॉटरी: अनुमोदित आवेदनों के लिए रैंडम ऑनलाइन लॉटरी।
- प्रवेश: अप्रैल 2026 से नए सत्र के साथ शुरू।
माता-पिता और बच्चों के लिए फायदे!
यह बदलाव वंचित परिवारों के लिए शिक्षा को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब आधार की कमी के कारण कोई बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। सरकार का उद्देश्य है कि RTE की असली भावना बरकरार रहे और ‘ईज ऑफ लिविंग’ हर परिवार तक पहुंचे।
पार्थ सरथी सेन शर्मा ने कहा:
“हमारी कोशिश है कि ‘ईज ऑफ लिविंग’ को जितना संभव हो वास्तविकता बनाया जाए, खासकर उन परिवारों के लिए जो वास्तव में वंचित समूहों से हैं, RTE की भावना में।”
समय पर आवेदन करें!
यूपी सरकार के इस नए दिशा-निर्देश से लाखों बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलने का रास्ता और आसान हो गया है। अगर आपका बच्चा वंचित या EWS श्रेणी में आता है, तो जल्द से जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें और आवेदन करें। अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी से संपर्क करें।







