इंडिगो उड़ान रद्द : DGCA के नए FDTL नियमों से 1 नवंबर 2025 से शुरू संकट, पायलटों का साप्ताहिक रेस्ट 48 घंटे, नाइट लैंडिंग 2 तक सीमित; 2000+ फ्लाइट्स कैंसल, दिल्ली-मुंबई प्रभावित। क्रू कमी, रोस्टर गलती; DGCA ने 10 फरवरी 2026 तक छूट दी (रेस्ट 36 घंटे, 6 नाइट लैंडिंग), हर 15 दिन रिपोर्ट, जांच कमेटी गठित। ऑपरेशन 10-15 दिसंबर सामान्य।

DGCA के नए FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियमों से इंडिगो एयरलाइंस का नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे नवंबर-दिसंबर 2025 में 2000+ उड़ानें रद्द हुईं। 1 नवंबर से लागू ये नियम पायलटों की थकान कम करने के लिए बनाए गए, लेकिन इंडिगो की क्रू कमी ने संकट गहरा दिया।
इंडिगो उड़ान रद्द FDTL नियम क्या हैं?
FDTL पायलटों और क्रू की ड्यूटी घंटों को नियंत्रित करता है। नए अपडेट में साप्ताहिक रेस्ट 36 से बढ़ाकर 48 घंटे, रात्रिकालीन (0000-0500) लैंडिंग 6 से घटाकर 2, और ड्यूटी साइकिल पर सख्ती शामिल। DGCA ने जनवरी 2024 में इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर संशोधित किया, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर। उद्देश्य: उड़ान सुरक्षा बढ़ाना, लेकिन विंटर शेड्यूल और पायलट शॉर्टेज ने समस्या पैदा की।
इंडिगो पर क्यों सबसे ज्यादा असर?
इंडिगो की सबसे बड़ी फ्लीट (1200+ दैनिक उड़ानें) होने से प्रभाव अधिक। नवंबर में 1232 रद्दीकरण, जिनमें 755 क्रू कमी से; दिसंबर में 550+ प्रतिदिन। रोस्टर अपडेट न होने से चेन रिएक्शन: एक फ्लाइट डिले तो पूरी लाइन प्रभावित। अन्य एयरलाइंस पहले से कम उड़ानें चला रही थीं, इसलिए कम असर।
यात्रियों की परेशानी
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु एयरपोर्ट्स पर हंगामा: लंबी कतारें, रिफंड विवाद।
इंडिगो की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 35% गिर गई। सरकार ने स्पेशल ट्रेनें चलाईं।
इंडिगो ने माफी मांगी, रिफंड/रीबुकिंग/होटल दिए।
DGCA की प्रतिक्रिया और छूट
संकट पर DGCA ने तत्काल छूट दी: 10 फरवरी 2026 तक रेस्ट 36 घंटे,
नाइट लैंडिंग 6, छुट्टी सब्स्टीट्यूशन अनुमत। हर 15 दिन प्रोग्रेस रिपोर्ट,
4 सदस्यीय जांच कमेटी गठित। इंडिगो ने रोडमैप जमा किया: क्रू भर्ती, ट्रेनिंग, रोस्टर रिस्ट्रक्चरिंग।
भविष्य की उम्मीदें
8 दिसंबर तक और रद्दीकरण, उसके बाद शेड्यूल कमाकर सामान्यीकरण।
10-15 दिसंबर तक रिकवरी संभव। स्टॉक 12% गिरा, लेकिन सुरक्षा प्राथमिक।
यात्री फ्लाइट स्टेटस ऐप चेक करें। कुल मिलाकर, नियम सुरक्षा के लिए जरूरी,
लेकिन अमल में तैयारी की कमी उजागर हुई।







