जम्मू कश्मीर सुरक्षा अपडेट : कुपवाड़ा में सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश नाकाम, सेना ने दो आतंकवादियों को मार गिराया। सुरक्षा बलों की सतर्कता से बड़ी साजिश विफल हुई

घटना की पूरी जानकारी
सेना सूत्रों के अनुसार यह मुठभेड़ शुक्रवार देर रात कुपवाड़ा जिले के माछिल सेक्टर में हुई। सुरक्षा बलों को यह सूचना मिली थी कि कुछ आतंकवादी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की ओर से भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर सेना ने इलाके में घेराबंदी की और तलाशी अभियान चलाया।
जैसे ही आतंकवादियों ने भारतीय क्षेत्र में कदम रखा, सेना के जवानों ने उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। लेकिन आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में भारतीय सैनिकों ने मुंहतोड़ कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए जबकि बाकी कुछ आतंकवादी घने जंगलों की ओर भाग निकले।
बरामद हुआ भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद
घटना स्थल से सेना को दो एके-47 राइफलें, ग्रेनेड, ड्राई राशन, रेडियो सेट और पाकिस्तान निर्मित दवाइयां मिली हैं। इन वस्तुओं से यह स्पष्ट होता है कि आतंकवादी लंबे समय तक इलाके में टिके रहने की योजना बना रहे थे।
सेना के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कोशिशें हर बार की तरह नाकाम की जाएंगी और किसी भी कीमत पर देश की सीमा में आतंकवाद फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी
घुसपैठ की इस कोशिश के बाद पूरे कुपवाड़ा और उत्तर कश्मीर क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सेना के साथ-साथ BSF और पुलिस बल भी सक्रिय रूप से तलाशी अभियान चला रहे हैं। नियंत्रण रेखा पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है ताकि दूसरी किसी घुसपैठ की संभावना को रोका जा सके।
सेना ने ड्रोन और नाइट विजन कैमरों का प्रयोग बढ़ा दिया है जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पाकिस्तानी मंसूबों पर फिर फूटा पानी
भारत सरकार और रक्षा विशेषज्ञों ने कई बार कहा है कि पाकिस्तान की ओर से आतंकियों को भारतीय सीमा में भेजने की कोशिशें जारी रहती हैं, लेकिन भारतीय सेना हर बार उनके मंसूबों पर पानी फेर देती है। यह घटना भी उसी का उदाहरण है।
पिछले कुछ महीनों में भारतीय सेना ने कई सफल आतंकवाद-रोधी अभियान चलाए हैं जिनमें दर्जनों घुसपैठिए मारे गए हैं। माछिल सेक्टर, केरन सेक्टर, और गुरेज़ इलाके में ऐसी कई घटनाएं हाल में सामने आई हैं।
स्थानीय जनता में भरोसा और राहत
कुपवाड़ा के स्थानीय निवासियों ने सेना की कार्रवाई की सराहना की है।
लोगों का कहना है कि सेना की तत्परता के कारण क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी हुई है।
मीणों ने बताया कि आतंकवादियों की गतिविधियों से उन्हें डर था, लेकिन अब वे राहत महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों
की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को दें ताकि जल्द से जल्द कार्रवाई की जा सके।
रक्षा मंत्रालय की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्रालय ने इस सफल ऑपरेशन के बाद बयान जारी
करते हुए कहा कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा
करने में पूरी तरह सक्षम है। किसी भी प्रकार की
घुसपैठ की कोशिश को तुरंत नाकाम किया जाएगा।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवादी इलाकों
में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं,
लेकिन उन्हें किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
निष्कर्ष
कुपवाड़ा में नाकाम की
गई इस घुसपैठ की कोशिश
ने एक बार फिर यह दिखा
दिया कि भारत की सीमाएं सुरक्षित
हाथों में हैं। सैनिकों की
बहादुरी और सटीक सूचना
तंत्र की वजह से आतंकवादियों
की योजना विफल हो गई।








