नीतीश कुमार मुख्यमंत्री चुनाव 2025 : चुनाव परिणामों के बाद बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ किया है कि नीतीश कुमार ही सरकार का नेतृत्व करेंगे। जानिए इस राजनीतिक फैसले के पीछे की पूरी कहानी।

चुनाव के नतीजों में नीतीश कुमार की भूमिका
राजनाथ सिंह के मुताबिक, बिहार में एनडीए को दो-तिहाई से अधिक सीटें मिलने की संभावना है, जो उनके नेतृत्व की लोकप्रियता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि एनडीए की रैलियों और जनसमर्थन से स्पष्ट है कि नीतीश कुमार को जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त होगा। विपक्ष के महागठबंधन द्वारा तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बावजूद, एनडीए के अंदर सीएम फेस को लेकर किसी प्रकार की अनिश्चितता नहीं है।
बिहार में नीतीश कुमार का सियासी सफर
नीतीश कुमार ने 2005 से बिहार की सियासत में एक मजबूत पकड़ बनाई है। 2005 से लेकर अब तक उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला है। हर बार जब भी बिहार में मतदान प्रतिशत बढ़ा है, उसका सीधा लाभ नीतीश कुमार और उनके नेतृत्व वाली सरकार को मिला है। 2025 के चुनाव में भी जब पहले चरण में रिकॉर्ड 64.69 प्रतिशत मतदान हुआ, तो यह संकेत माना जा रहा है कि नीतीश कुमार की सरकार मजबूत होगी।
जनता का विश्वास और सहयोग
राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि जनता का विश्वास एनडीए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नीतीश कुमार की सरकार के प्रति बना हुआ है। साथ ही उन्होंने प्रसारण किया कि बिहार में बेहतर कानून-व्यवस्था और विकास की दिशा में नीतीश कुमार के शासन को महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों ने समर्थन दिया है। इस चुनाव में विपक्षी पार्टी जन सुराज पर भी प्रश्न उठाए गए, जिसमें राजनाथ सिंह ने कहा कि यह पार्टी चुनाव में किसी भी सीट पर जीतने में सफल नहीं होगी।
आगामी चुनौतियाँ और संभावनाएं
भले ही बिहार की राजनीति में कई उतार-चढ़ाव आये हैं,
लेकिन नीतीश कुमार की सियासी समझ और
गठबंधन कौशल ने उन्हें अक्सर मुश्किल हालात से बाहर निकाला है।
इस बार भी चुनाव नतीजों के बाद उनका गठबंधन, एनडीए,
बहुमत लेकर सरकार बनाएगा, जिसमें बीजेपी,
जदयू और अन्य सहयोगी पार्टियां शामिल हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले समय में वे फिर
से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और बिहार के विकास के लिए कार्य करेंगे।








